मुख्यमंत्री की सैलरी कितनी होती है Mukhymantri Ki Saelri 2021

मुख्यमंत्री की सैलरी कितनी होती है How Much The Chief Minister Will Be Gets Salary

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मुख्यमंत्री की सैलरी कितनी होती है:-

मुख्यमंत्री की सेलेरी कितनी –जैसा की आप लोग जानते है की एक राज्य की सम्पूर्ण राजनेतिक, भोतिकम, सामाजिक गतिविधियों की जानकारी एवं कार्यभार एक राज्य के मुख्यमंत्री के पास होता है मुख्यमंत्री जनता द्वारा प्रतिनिधित्व के आधार पर बनाया जाता है मुख्यमंत्री राज्य के विधायको को ज्यादा बहुमत के आधार पर आने वाले 5 साल के लिय पद भार दिया जाता है मुख्यमंत्री पद एक राज्य की सबसे बड़ा पद होता है उसके दो नंबर पर मुख्यमंत्री का पद ही होता है

मुख्यमंत्री राज्य में जो अच्छी व् बुरी घटनाओ को अंजाम देने का कार्य मुख्यमंत्री के पास होता है मुख्यमंत्री की सेलेरी की हम बात करे तो इसमें भी निर्वाचन मंत्रालय द्वारा कुछ परिवर्तन कर दिया है उनकी सेलेरी को अभी 2018 के बाद बढ़ा दिया है दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम आपको मुख्यमंत्री की सेलेरी कितनी होती है , मुख्यमंत्री को सेलेरी कोन देता है , कैसे मिलाती है इन सब बातो की जानकारी को विस्तार से बताने जा रहे है इसलिय आप इस आर्टिकल को लास्ट तक पढ़े और जानकारी को हासिल करे

मुख्यमंत्री का वेतन कितना मिलता है:-

मुख्यमंत्री की सेलेरी कितनी – राजस्थान राज्य के मुख्यमंत्री की सेलेरी की हम बात करे तो उनको सरकार द्वारा पहले 55,000 रुपया का वेतन दिया जाता था लेकिन उस पर 2017 की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजये सिंधिया ने इस वेतन को बढ़ने के लिय नोटिस जारी किया था उसकी सुनवाई अब सर्वोच्च न्ययालय द्वारा कर दी गई अब वर्तमान में मुख्यमंत्री को 75,000 रुपया की सेलेरी सरकार द्वारा वितरण की जाति है सेलेरी के साथ साथ मुख्यमंत्री को अलग से भत्ते भी दी जाते है

अगर हम कुल मिलकर एक मुख्यमंत्री की टोटल वेतन को जोड़े तो करीब 1,24000 रुपया सेलेरी राज्य की सरकार द्वारा वितरण की जाति वैसे इस सेलेरी को देखे तो इतनी बड़ी जिमेदारी के लिय कम ही है क्योकि एक विधायक ही राज्य के मुख्यमंत्री से ज्यादा सेलेरी कमाता है उनको मुख्यमंत्री जितना कम भी नही करना पड़ता फिर भी Chief Minister से ज्यादा इनकम करता है वेतन प्राप्त करता है

Mukhymantri Ki Saelri 2021 Hilight

आर्टिकल किसके बारे में है मुख्यमंत्री की सेलेरी कितनी होती है
वेतन राशी कितनी होती है पहले 55,000 रु वर्तमान में 75,000 रु
मुख्यमंत्री का कार्यभार 5 साल का
योगता आयु 25 साल से अधिक

देश के प्रधानमंत्री को सेलेरी कितनी मिलती है 

मुख्यमंत्री का कार्यकाल किस प्रकार है:-

मुख्यमंत्री की सेलेरी कितनी – एक मुख्यमंत्री का कार्यभार 5 साल के लिय दिया जाता है इस पद पर रहते हुए बहुत सी जिमादारियो को लेना पड़ता है तथा पूरा करना पड़ता है प्रदेश के हर नागरिक की आवाज का जवाब देना मुख्यमंत्री का कर्तव्य बनता है मुख्यमंत्री राज्य का बनाने में विधायको द्वारा बनाया जाता है तथा विधायक प्रदेश की जानत द्वारा जन प्रतिनिधित्व का चुनाव होता है उसके बाद जानत ने जिस विधायक उम्मीदवार को ज्यादा पसंद किया है या वोट ज्यादा दिया है उसी को सरकार विधायक का पद भार प्रदान करती है ये विधायक अलग अलग पार्टी के होते है जी कोंग्रेस , बाजपा , बसपा जैसी अलग अलग पार्टिया होती है

उनके विधायक बनते है और जिस पार्टी के ज्यादा विधायक होंगे उनका ही मुख्यमंत्री पद का जिमेदार नागरिक होकर मुख्यमंत्री का पद सोम्पा जाता है और ये मुख्यमंत्री पद एक नागरिक को 5 साल के लिय बनाया जाता है उसके पञ्च साल बाद एक दूसरा चुनाव होता है उसी प्रकार की प्रक्रिया के अनुसार चुनाव होते है और मुख्यमंत्री बनाया जाता है आज हम मुख्यमंत्री की सेलेरी की बात करे तो अब वर्तमान में 75,000 रुपया तो साधारण वेतन के रूप में मिलते है और अलग से उनको भत्ते भी राज्य सरकार के नियमो के अनुसार प्रदान किय जाते है

राजस्थान के मुख्यमंत्री की आर्थिक एवं राजनेतिक पहलू

मुख्यमंत्री की सेलेरी कितनी – मुख्यमंत्री पद का कार्य सभी राज्यों के समान होते है सबको समान प्रक्रिया के अनुसार मुख्यमंत्री का पदभार दिया जाता है एक मुख्यमंत्री प्रदेश की जनता की जो भी परिस्थतिया है उनका हल निकालना मुख्यमंत्री का कर्तव्य होता है उनको आर्थिक सहायता की जरूरत है तो उनको आर्थिक धन राशी प्रदान कर उनकी समस्या का निवारण करना chief minister का परम कर्तव्य है

उनके इस 5 साल के कार्यभार में सभी चुनोतियो का जवाब देना पड़ता है पुरे राज्य की आर्थिक , सामाजिक , राजनेतिक जो भी समस्या है उन सभी का निवारण करना राज्य के मुख्यमंत्री का कर्तव्य बनता है इन प्रदेश के मुख्यमंत्री के कम को देखे तो राज्य की सरकार द्वारा जो वेतन दिया जाता है वो कम है उनसे तो उनके जीवन की सभी कार्यो की गतिविधियों को पूरा करना कठिन है

मुख्यमंत्री के कार्य क्या होते है:-

  • मुख्यमंत्री राज्य में मंत्री परिषद का निर्माता होता है राज्यपाल मुख्यमंत्री के परामर्श से ही मंत्रियों की नियुक्ति करता है ।
  • अनुच्छेद 164(1) के अनुसार मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल करेगा और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राज्यपाल, मुख्यमंत्री की सलाह पर करेगा तथा मंत्री, राज्यपाल के प्रसादपर्यन्त अपने पद धारण करेंगे । परन्तु (छत्तीसगढ़, झारखण्ड), मध्य प्रदेश और (उड़ीसा) राज्यों में जनजातियों के कल्याण का भारसाधक एक मंत्री होगा ।
  • मुख्यमंत्री मंत्रियों को विभाग का बंटवारा करता है वह इच्छा अनुसार उनके विभागों को परिवर्तित भी कर सकता है |
  • मुख्यमंत्री मंत्री परिषद की अध्यक्षता करता है मंत्रिपरिषद की बैठक के मुख्यमंत्री ही बुलाता है मुख्यमंत्री ही निर्णय करता है कि मंत्री परिषद की बैठक कब और कहां होगी और किस विषय पर विचार किया जाएगा |
  • राज्य की विकास नीतियों का निर्माता मुख्यमंत्री होता है तथा वही विकास व निवेश संबंधी समितियों की अध्यक्षता भी करता है |
  • मुख्यमंत्री राज्यपाल और मंत्रिपरिषद के बीच की कड़ी का कार्य करता है अनुच्छेद 167 के अनुसार मुख्यमंत्री का यह कर्तव्य है ‘कि राज्य के प्रशासन और विधायन संबंधी जानकारी राज्यपाल को दें ‘|
  • राज्यपाल मुख्यमंत्री के परामर्श से उच्च शासनाधिकारियों तथा महाधिवक्ता लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष व सदस्य की नियुक्ति करता है |
  • मुख्यमंत्री विधानसभा का भी नेता है इसलिए विधान सभा संचालन में आई समस्याओं को सबके साथ मिलकर दूर करने का प्रयास करता है |
  • मुख्यमंत्री अपने दल का नेता भी होता है इस नाते अपनी पार्टी के चुनावों में सफलता आदि के लिए भाषण देता है |
  • राज्य योजना बोर्ड का अध्यक्ष होता है |

मुख्यमंत्री बनने के लिए योग्यता क्या चाहिए:-

  • मुख्यमंत्री बनने के लिय नागरिक भारत देश का मूलनिवासी होना जरुरी है
  • आवेदक की आयु कम से कम 25 वर्ष होना चाहिय और ज्यादा से ज्यादा 58 साल हो
  • आवेदक पर कोई भी पुलिस कार्यवाही का केश नही होना चाहिय
  • मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार किसी भी प्रकार की सरकारी एवं निजी बांको के साथ लेनदेन सही से होना चिय किसी प्रकार का भगोड़ा ना हो
  • कम से कम शेक्षणिक योग्यता की बात करे तो 12 th पास होना जरुरी है
  • उनके चरित्र की बात करे तो उन पर किसी प्रकार का आरोप नही होना चिय तभी आप इस chief minister के पदभार के योग्य समझे जाएँगे

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