सांसद और विधायक की सैलरी कितनी होती है जानीय हिंदी में ~ The Salary Of MP And MLA

By | दिसम्बर 24, 2020

सांसदों तथा विधायको की सैलरी कितनी होती है , विधायको की वेतन कितनी होती है , MP And MLA The Salary Of Will Gets India , सांसद की सैलरी कितनी होती है , सांसद तथा विधायको को सैलरी कोन देता है , विधायको को सलारी कैसे मिलती है

सांसदों तथा विधायको की सैलरी कितनी होती –दोस्तों हम अगर सांसद एवं विधायको की सेलेरी की बात करे तो उनकी सेलेरी में कोई खास परिवर्तन नही है देश की सरकार ने इन राजनेताओ की सेलेरी को सातवे वेतन में 2015 के बाद बढ़ा दी गई है इन विधायको तथा सांसंदो को सलारी के अलावा अपने क्षेत्र में कम करने एवं जनता को आर्थिक एवं सामाजिक गतिविधियों पर कम करने के लिय बजट भी दिया जाता है

अगर हम सम्पूर्ण भारत देश के विधायको तथा सांसंदो की सैलरी की बात करे तो तेलंगाना राज्य के सांसदों तथा विधायको की सलारी ज्यादा है उसके बाद दिल्ली राज्य के विधायको की सैलरी आती है तो चलिय दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम आपको इन सांसदों तथा विधायको की सैलरी , कार्यभार , कार्यकाल , विशेषताए आदि की जानकारी को विस्तार से विवरण करेंगे इसलिय आप इस आर्टिकल को लास्ट तक जरुर पढ़े और सभी जानकारी को प्राप्त करे

सांसदों तथा विधायको की सैलरी कितनी होती के बारे में चर्चा || the salary of mp and mla

सांसदों तथा विधायको की सैलरी कितनी होती –भारत देश के इन दो राजनेताओ की सैलरी के बारे में जाने तो उनकी सेलरी तथा राष्ट्रपति की सैलरी में कोई फर्क नही है एक चुनावी आंकड़े के अनुसार सांसद को सरकार द्वारा बेसिक सैलरी 1,00,000 रुपया प्रति महीने के हिसाब से दिया जाता है इसके साथ साथ 45,000 रुपया की राशी निर्वाचन क्षेत्र द्वारा चुनाव प्रचार का भत्ता भी मिलता है इनकी कुल सैलरी के बारे में देखे तो करीब 1,50,000 रुपया की राशी सरकार द्वारा वितरण की जाति और हम विधायक की सैलरी के बारे में जाने तो इनको कई राज्यों में तो २,50,000 रुपया तक की सैलरी मिलती है

विधायको की सैलरी में सबसे ज्यादा सेलरी देने वाली सरकार तेलंगाना राज्य की सरकार द्वारा वितरण किया जाता है और उसके बाद अगर विधायको की सैलरी की बात करे तो दिल्ली राज्य के विधायको की सेलरी भी २,1,000 रुपया मिलती है जो भारत के सभी और बचे हुए राज्यों से ज्यादा वितरण की जाती है

मुख्यमंत्री की सेलेरी कितनी होती है जानीय 

आर्टिकल किसके बारे में है भारत के सांसदों तथा विधायको की सैलरी के बारे में
सांसदों की सैलरी कितनी होती है बेसिक वेतन 1 लाख रु तथा निर्वाचन आयोग द्वारा 45,000 रु
विधायक की सैलरी २,50,000 रुपया
सांसद का कार्यभार कितने वर्ष का होता है 5 साल का
विधायक का कार्यकाल 5 वर्ष का
अधिकारिक वेबसाइट india.gov.in

एक राज्य का सांसद किस चुनाव प्रक्रिया द्वारा बनाया जाता है

एक राज्य का सांसद का चुनाव भी मला की भांति किया जाता है इसमें जनता द्वारा अलग अलग चुनाव चिन्हों पर जनता अपना मतदान कर जो योग्य उम्मीदवार है उनको अगले आने वाले 5 साल के लिय सांसद न्युक्त किया जाता है सांसद का कार्य है की अपने क्षेत्र के लोग जो ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रो दोनों को आर्थिक एवं सामाजिक जो भी गतिविधिया है उनको सुधारना है आज हम एक राजस्थान राज्य के सांसद की बात करे तो राजथान राज्य में सांसदों की संख्या 25 है जिस पार्टी के ज्यादा सांसद होंगे उस पार्टी द्वारा देश का प्रधानमंत्री न्युक्त किया जाता है उसके बाद केंद्र सरकार द्वारा इन सांसदों को उनके क्षेत्र के योग्य किसानो तथा गरीबो के हित के लिय जो भी आर्थिक तथा सार्वजनिक कार्य होंगे उसका बजट केंद्र सरकार द्वारा वितरण किया जाता है

एक विधायक की चुनावी प्रक्रिया किस प्रकार होती है

सभी राज्यों के विधायक की बात करे तो विधायक प्रत्येक जिले की तहसील पर बनाया जाता है उनका चुनाव मतदान उनकी तहसील की जनता द्वारा किया जाता है इस चुनाव की भी अलग अलग सत्ता की पार्टिया होती है उनके बिच जनता चुनाव करती है उसके बाद जनता ने जिस विधायक की पार्टी को ज्यादा पसंद किया है उनको विजयी घोषित कर दिया जाता है विधायक की जिम्मेदारी होती है की अपनी तहसील के क्षेत्रो में ग्रामीणों तथा शहरी दोनों प्रदेश वासियों को आर्थिक एवं सामाजिक जो भी परिस्थतिया है उनका निपटारा करवाना उनका पहल कर्तव्य होता है

इस तहसील के विधायको द्वारा ही एक राज्य का मुख्यमंत्री नियुक्त किया जाता है अगर हम राजस्थान राज्य की बात करे तो राजस्थान में विधायको की सीट 200 है जिस पार्टी के ज्यादा विधायक होंगे उनका ही मुख्यमंत्री नियुक्त किया जाता है और उसी मुह्क्य्मंत्री द्वारा ही राज्य की तहसीलों के लिय क्षेत्रो में कम करने का कार्यभार इन विधायको को सोम्पा जाता है

सांसद की सैलरी कितनी होती है

अगर हम सांसद की वेतन की बात करे तो हर राज्य के सांसदों को लग अलग वेतन मिलता है लेकिन बेसिक सैलरी है वो सभी राज्यों के सांसदों को समान रूप से मिलते है सांसद की सैलरी साधारण रूप से 1,00000 रुपया मिलती है मगर इस बेसिक सैलरी के आलावा 45 ,000 रुपया चुनाव निर्वाचन आयोग द्वारा दिया जाता है अगर सांसद की कुल मिलकर वेतन देखा जाए तो करीब 1,50 000 रुपया मिलती है और इसके आलावा अपने क्षेत्रो में कम करने के लिय जनता की सेवा करने के लिय 1 करोड़ से 4 करोड़ रुपया का बजट के रूप में हर साल वितरण किया जाता है ताकि अपने जिले के सभी क्षेत्रो में जरूरत का कोई भी कार्य हो चाहे आर्थिक सहायता राशी वितरण करना या किसी गरीब परिवार को पक्के मकान की सुविधा जैसी समस्याओ का हल करने के लिय केंद्र सरकार द्वारा वितरण किया जाता है

विधायक की सैलरी कितनी होती है

विधायक जिले की एक तहसील पर बनाया जाता है तहसील का चुनाव मतदान तहसील की जनता द्वारा जो भी पार्टियों द्वारा उम्मीदवार खड़ा होता है उनको बना दिया जाता है अगर हम एक विधायक की वेतन के बारे में बात करे तो विधायक की सलारी तो करीब 88,000 रुपया होती है मगर कुछ और भी भत्ते होते है उन सब को मिलाए तो सांसद के ऊपर ही उनकी सैलरी होती है अगर हम सम्पूर्ण भारत देश के विधायको की बात करे तो एक मिडिया रिपोर्ट के अनुसार तेलंगाना राज्य के विधायको की सैलरी सबसे ज्यादा होती है तेलंगाना राज्य के विधायको को राज्य सरकार २,50,000 रुपया वितरण करती है उसके बाद अगर सबसे ज्यादा वेतन देने वाला राज्य दिल्ली है उनके राज्यों के विधायको को राज्य सर्कार द्वारा २,1,000 रुपया सैलरी के रूप में राज्य सरकार वितरण करती है

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